20 लाख करोड़ के आत्‍मनिर्भर राहत पैकेज पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ये आखिरी प्रेस कॉन्‍फ्रेंस है

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज से जुड़ी पांचवीं और आखिरी चरण की घोषणाएं कर चुकी है. वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मंत्री ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलने की जरूरत है. उसी के मुताबिक ये आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है. उन्होंने कहा कि इस पैकेज में लैंड, लेबर, लॉ, लिक्विडिटी पर जोर दिया गया है.

राज्‍यों को मदद

निर्मला सीतारमण ने कहा कि राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल ( SDRF) के जरिए राज्‍यों को अप्रैल में ही 11 हजार करोड़ से अधिक रिलीज कर दिए गए हैं. रिजर्व बैंक ने राज्यों के कर्ज लेने की लिमिट 60 फीसदी तक बढ़ा दी. राज्यों ने अपनी उधारी सीमा का 14 फीसदी ही लिया है. एंटी कोविड एक्‍टिविटी के लिए हेल्‍थ मिनिस्‍ट्री के जरिए 4,113 करोड़ रुपये दिए गए. निर्मला सीतारमण ने बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद(जीएसडीपी) को 3 से बढ़ाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है.

कंपनीज एक्ट और पीएसयू

– कंपनीज एक्ट के ज्यादातर प्रावधानों में राहत दी जाएगी. CSR, बोर्ड रिपोर्ट की कमी, फाइलिंग में चूक को अपराध की सूची से हटाया गया. सरकार ऐसी नई नीति लाएगी जिसमें यह तय होगा कि कौन से रणीतिक सेक्टर में कौन सी पब्लिक सेक्टर कंपनी रहेगी और निजी कंपनियां भी इसमें रहेंगी, कई ऐसे सेक्टर होंगे जिसमें सिर्फ 4 पब्लिक सेक्टर कंपनियों को रहने की इजाजत होगी, इन सेक्टर की बाकी पीएसयू कंपनियों का विलय होगा. कोशिश होगी कि रणनीतिक सेक्टर में कम से कम एक पब्लिक सेक्टर कंपनी रहे. कंपनियों को अपनी सिक्युरिटीज को सीधे विदेशी एक्सचेंजों में लिस्टिंग की सुविधा दी जाएगी.

-MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) को राहत देते हुए कहा कि कोरोना संकट काल में अगले एक साल तक किसी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया शुरू नहीं की जाएगी. दिवालिया प्रक्रिया शुरू करने के लिए कर्ज की सीमा 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1 करोड़ कर दी गई है.

एजुकेशन

निर्मला सीतारमण ने बताया कि जरूरतमंद छात्र जिनपर इंटरनेट नहीं है वे स्वंय प्रभा डीटीएच सेवा से पढ़ सकते हैं. फिलहाल ऐसे तीन चैनल, इसमें 12 नए चैनल जुड़ेगे. इसके अलावा दीक्षा के जरिए ई-कॉन्टेंट मुहैया करवाया जाएगा. मनोदर्पण नाम से एक कार्यक्रम चलाया जाएगा. वहीं वन क्लास, वन चैनल के तहत पहली से 12वीं कक्षा के छात्रों को पढ़ने का नया तरीका दिया जाएगा. रेडियो, कम्यूनिटी रेडियो से भी पढ़ाई में मदद ली जाएगी. दिव्यांगों के लिए विशेष शिक्षा सामग्री तैयार की जाएगी. 100 टॉप यूनवर्सिटीज को ऑनलाइन पढ़ाई की इजाजत दी गई है.

हेल्थ

– हेल्‍थ सेक्‍टर में बदलाव करते हुए पब्‍लिक हेल्‍थ के निवेश को बढ़ाया जाएगा. ऐसी क्षमता तैयार की जाएगी जिससे आपात स्थिति में भी हम लड़ने को तैयार होंगे. जिला स्तर के अस्‍पताल में इंफेक्शन से होनेवाली बीमारी से लड़ने की तैयारी होंगी. देशभर में लैब नेटवर्क मजबूत किया जाएगा. ग्रामीण क्षेत्रों में हर ब्लॉक में पब्लिक हेल्थ लैब बनाई जाएंगी.

मनरेगा

– निर्मला सीतारमण ने बताया कि मनरेगा के तहत आवंटित रकम में 40 हजार करोड़ रुपये का इजाफा किया गया है. इससे प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिलेगा. मनरेगा के तहत पहले बजट अनुमान 61 हजार करोड़ था.

कोरोना काल में गरीबों के लिए क्‍या किया?

-निर्मला सीतारमण ने बताया कि पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर डायरेक्ट ​बेनिफिट ट्रांसफर कैश का किया गया. कुल 20 करोड़ जनधन खातों में 10,225 करोड़ रुपये डाले गए. 8.19 करोड़ किसानों के खाते में रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. उन्‍होंने बताया कि सरकार गरीबों को तुरंत आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं, खाना पहुंचा रहे हैं. उज्जवला के तहत फ्री सिलेंडर लोगों तक पहुंचाए गए हैं.

– निर्मला सीतारमण ने बताया कि ट्रेन से मजदूरों की यात्रा का 85 फीसदी केंद्र सरकार दे रही है, 15 फीसदी राज्य सरकारें, उन्हें खाना भी दिया जा रहा है.

इससे पहले शनिवार को चौथी प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में वित्त मंत्री ने औद्योगिक आधारभूत ढांचों का अपग्रेडेशन, कोयला, खनिज, रक्षा उत्पादन, एयरस्पेस मैनेजमेंट, एयरपोर्ट्स, एमआरओ (मेंटनेंस, रिपेयर-ओवरहॉल), केंद्रशासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियां, अंतरिक्ष क्षेत्र और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सुधारों का ऐलान किया था.

शुरुआती तीन दिन के ऐलान

निर्मला सीतारमण ने पहली प्रेस कॉन्‍फ्रेंस बुधवार को की थी. उन्‍होंने करीब 6 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान किया. इस पैकेज में से एक बड़ा हिस्‍सा सूक्ष्म, लघु और मझोले कारोबार (MSME) को दिया गया है. वहीं सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मझोले कारोबार की परिभाषा में भी बदलाव कर दिया है.

-गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों, एमएफआई को 30,000 करोड़ की नकदी सुविधा दी गई है. इसी तरह, बिजली वितरण कंपनियों पर 94,000 करोड़ रुपये का बकाया है और उनको 90,000 करोड़ का बेल आउट दिया गया है. बुधवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में निर्मला सीतारमण ने मिडिल क्‍लास को टैक्‍स के मोर्चे पर भी कई राहत दी है.

– गुरुवार की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में निर्मला सीतारमण ने पटरी-रेहड़ी कारोबारी, छोटे किसान, प्रवासी श्रमिकों से जुड़े 9 बड़े ऐलान किए. इस दौरान उन्‍होंने कहा कि 50 लाख रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के लिए 10 हजार रुपये का विशेष लोन दिया जाएगा. इसी तरह, शिशु लोन पर छूट, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम की डेडलाइन बढ़ा दी गई है.

इसके अलावा शहरी बेघरों के लिए सस्ता घर, रेंटल घर, तीन वक्त का खाना, किसान क्रेडिट कार्ड, जैसे बड़े ऐलान किए गए. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक 2.5 करोड़ किसानों को क्रेडिट कार्ड पर 2 लाख करोड़ रुपये तक का कर्ज मिलेगा. इसके अलावा मार्च 2021 तक वन नेशन, वन कार्ड योजना को देशभर में लागू किया जाएगा.

शुक्रवार को क्‍या मिला

निर्मला सीतारमण की ये प्रेस कॉन्‍फ्रेंस पूरी तरह किसान केंद्रित थी. इस दौरान कृषि क्षेत्र के लिए 11 ऐलान किए गए. इसमें 8 फैसले कृषि और इंफ्रा से जुड़े थे जबकि 3 फैसले गवर्नेंस और रिफॉर्म के हैं. सरकार ने कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है. इस दौरान एक अहम फैसला आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में बदलाव को लेकर लिया गया. अब इस अधिनियम से अनाज, तिलहन, प्याज, आलू आदि को मुक्त किया जाएगा.

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